|
|
|
|
| Thursday 16 October, 2008 |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
|
|
CLASSROOM
---नमस्ते . गुरुजी.---धन्यवाद मेरे बच्चो.कैसे हो ? ---एकदम कुशल .धोनी की तरह. ---वाह! ज्ञान की प्राप्ति के लिए आजकल क्या करते हो? ---आई पी एल के खेल देखते है .गुरुजी. -- वाह! क्या क्या प्राप्त होता है? बताओ. ---क्रिकेट देखने को मिलता है और साथ में मनोरंजन भी मिलता है गुरुजी. ---क्रिकेट के लिए कौन कौन होते है? ---धोनी..गांगुली..द्रविड़..सेहवाग...हेडन..वॉर्न.. ---बहुत हो गया. अब ये बताओ की मनोरंजन कैसे प्राप्त होता है? ---चियर गर्ल से ...चियर गर्ल से. ---बस करो.बस करो.तुम तो ऐसे खुश हो रहे हो की जैसे सब चियर करने वाली कन्याएं तुम्हारी सामने हो. --ऐसा ही लगता है गुरुजी. ---अच्छा.आई.पी.एल.के खेल से और कुछ प्राप्त होता है ? ---गीता का ज्ञान प्राप्त होता है. ---गीता का ज्ञान ? ये कैसे संभव हो सकता है ? ----हो सकता है गुरुजी.हम विस्तार से बता सकते है. ---बताइए. ---गीता मे कहा गया है की मनुष्य को संसार में हर स्थिति में जलकमलवत रहेना चाहिए. किन्तु श्रीशांत हार-जीत से विचलित हो कर बंदर जैसी हरकते करता था.इसी कारण हरभजन से प्रहार झेलना पड़ा और पूरे संसार के सामने रुदन करना पड़ा. हमे द्रविड़ जैसा अविचल रहेना चाहिए. ---अति उत्तम ! तुम इतना सारा कैसे सोच सकते हो ? ---ये आपके संस्कार है .गुरुजी. ---आई.पी.एल.से और क्या शिक्षा मिली ? ----आई.पी.एल. से हमे ये भी शिक्षा मिली की मनुष्य को क्रोधित नहीं होना चाहिए.वरना हरभजन जैसी हालत हो सकती है.आप जानते होगे की उसे काफी आर्थिक नुकशान भी हुआ है. ---सही बात है. --और प्रीति ज़िंटा ने मैदान में आके शिक्षा दी की अन्याय करना भी पाप है और अन्याय सहन करना भी पाप है. ---अर्थात आई.पी.एल.का आयोजन सिर्फ पेसा कमाने के लिए नहीं हुआ है. ---बिल्कुल गुरुजी.आई.पी.एल का आयोजन हमें विविध प्रकार के तमाशे दिखाकर हमें अच्छी शिक्षा देनेके लिए किया गया है. ---तो आप सब सब से ज्यादा किस के आभारी है ? ---हम शरद पवारजी के आभारी है. ---अति उत्तम. तुम सबसे मै बहुत प्रसन्न हुआ हूँ .जाओ मैदान में जाकर खेलो और धोनी जैसे बलवान बनो. --जैसी आप की आज्ञा गुरुजी.
|
|
| | |
|
|
|
|
|
|
|